xi jingping के गुलाम वामपंथियों को तो रोने का बहाना चाहिये...*
👉आज वे पैदल जाते मज़दूरों पर रो रहे हैं।
घर पहुचा दिया तो किराये पर रोना।
शराब दुकान बंद तो रोना।
खोल दिया तो रोना।
👉कल को जिन के विवाह स्थगित होंगे उन पर रोयेंगे।
👉सरकार के कोरोना रोकने के प्रयासों (lockdown) पर।
👉यदि फैल गया तो लोगों की लाशों पर।
👉यदि लोग न मरे तो अर्थव्यवस्था पर।
👉अर्थव्यवस्था को संभाल लिया तो सेंसेक्स के गिरने पर।
👉सेंसेक्स उठ गया तो GDP पर।
👉GDP growth सही आ गयी तो उस के caculation method पर।
👉उस से सन्तुष्ट कर दिया तो रुपये की गिरती कीमत पर।
👉रुपया चढ़ गया तो महंगाई पर।
👉महंगाई घट गई तो किसानों की दुर्दशा पर।
👉किसानों को सीधा लाभ दे दिया तो उसके बहुत कम होने पर।
👉सेना को हथियार मिले तो ग़रीब की थाली पर।
👉ग़रीबों को फ़ोकस में लिया तो सेना के घट रहे बजट पर।
👉कंधार में प्लेन हाइजेक हुआ तो सिसकते परिवारों पर।
👉आतंकवादी छोड़ दिये तो उनके छोड़े जाने पर।
👉आंतकी हमला हुआ तो हमले पर।
👉हमला होने से पहले ही आतंकवादी पकड़ लिये गये तो पकड़े गए 'निर्दोष' लोगों पर।
👉सब्जी मँहगी हुई तो गृहणियों के बजट पर।
👉सब्जी सस्ती हुई तो किसानों की दुर्दशा पर।
👉प्याज़ 100/- हुआ तो थाली के ज़ायके पर।
👉प्याज़ 8/- रह गया तो नासिक के किसानों पर।
👉अरहर 150/- हो गई तो महंगाई पर और 65/- रह गई तो फिर किसानों पर।
👉पाकिस्तान से बदला ले लिया तो सैनिकों की जान खतरे में डालने पर।
👉बदला न लिया तो देश की सुरक्षा से समझौते पर।
👉GST लग गया तो व्यापारियों पर।
👉GST न लगे तो कर सुधारों पर।
👉रोमियो स्कॉड बना तो लड़कों के पिटने पर।
👉स्कॉड ठंडा हो जाये तो युवतीयों के छिड़ने पर।
👉नक्सली जवानों को मार दें तो जवानों पर।
👉पुलिस नक्सलियों को पकड़ ले तो विरोध, स्वतन्त्रता के हनन पर।
👉जामिया में पुलिस एक्शन ले तो एक्शन पर ।
👉JNU में एक्शन न ले तो एक्शन न लेने पर ।
👉उनकी ग्रह दशा ही रोने वाली रही है और उन्हें मलाई चाटने को नहीं मिल रही है। उनका जन्म ही रोने के लिये हुआ है और
उनके कर्म ही रोने वाले हैं।
आगे बढ़िये... देश के साथ चलिए और रोने वालों को अपना काम करने दीजिए... उनसे बहस मत करिए ।