*वामपंथी कॉन्ग्रेसी सेकुलरिज़्म लीबेरिज्म का ही दूसरा नाम दिमागी बीमार हैं।
*दिमागी बीमार कहते हैं कि
करवाचौथ नारी उत्पीड़न है,
तीन तलाक़ धार्मिक आस्था..!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
देवदासी प्रथा वेश्यावृत्ति थी,
हलाला पवित्र नारी-शुद्धिकरण...!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
बहुविवाह एक अनैतिक प्रथा थी,
चार-निक़ाह ईश्वरीय आदेश... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
चुटिया रखना धार्मिक ढोंग है,
बिना मूंछ की बकर-दाढ़ी ईश्वर का नूर है... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
यज्ञोपवीत पहनना धार्मिक कट्टरवाद है,
लेकिन अरबी लबादा ओढ़ना धार्मिक पहचान है...!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
तिलक लगाना दकियानूसी कट्टरता है,
लेकिन मत्थे पे ईंट से रगड़कर बनाया काला निशान आध्यात्मिक है...!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
कर्ण छेदन असभ्य क्रूरता है,
ख़तना अलौकिक प्रक्रिया...!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
पितृपक्ष तर्पण एक ढोंग है,
लेकिन मरहूमों की मज़ारों पर चढ़ावा चढ़ाना श्रद्धा... !
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
तीर्थ-यात्रा पैसा कमाने का मनुवादी ढोंग,
लेकिन लाखों रुपये फूँककर हज़-उमरा पवित्र ईश्वर का दर्शन... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
जल्लीकट्टू पशु उत्पीड़न है,
लेकिन पशुओं की गला रेतकर क़ुर्बानी धार्मिक आस्था... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
गौरक्षा मांसाहार के अधिकार का हनन है,
लेकिन सूअंर खाने वाले शैतान हैं... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
दही-हांडी ख़ेल ख़तरनाक़ है,
लेकिन छाती-पीट कर ख़ूनी मातम करना धार्मिक आस्था... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
संस्कृत गुरुकुल कट्टरवाद सिखाते थे,
लेकिन मदरसों में आधुनिक वैज्ञानिक शोध होते हैं...!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
व्रत-उपवास दकियानूसी ढोंग हैं,
लेकिन रोज़े वैज्ञानिक शारीरिक तपस्या है... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
हिंदुओं में खानपान की छुआछूत अमानवीय है,
लेकिन शिया-सुन्नी-अहमदिया का आपसी क़त्लेआम स्नेहिल भाईचारा है... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
हज़ारों साल पुरानी सारी इंसानी किताबें झूठी-बकवास हैं,
लेकिन धरती चपटी बतानेवाली 1400 साल पुरानी आसमानी किताब में ब्रह्माण्ड का सारा ज्ञान-विज्ञान है...!!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा दंगा हुआ,
लेकिन हज़ारों कश्मीरी पण्डित मारे खुशी के स्वर्ग सिधार गए और लाखों ने हंसते हुए कश्मीर में अपना घरबार सब छोड़ दिया... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
बाक़ी मज़हबों पर संविधान लागू होता है,
लेकिन हुज़ूर का मज़हब ख़ुद में संविधान है... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
फिलिस्तीनियों पर बहुत अत्याचार होता है,
लेकिन यज़ीदी दुनिया की सबसे खुशहाल कौम है... !!
*दिमागी बीमार कहते हैं कि...*
रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थी हैं,
लेकिन पाकिस्तानी-अफगानी शरणार्थी हिन्दू भारत के लिए बोझ हैं... !!हालांकि कहने को तो और बहुत कुछ है, लेकिन शालीनतावश सब कुछ नहीं लिख सकते.....लेकिन इतना ही काफी है ये समझने और समझाने के लिए कि *सेकुलरिज़्म का ही दूसरा नाम *
दिमागी बीमारी है।