प्रश्न 1: भारत में गरीबी कब शुरू हुई?
उत्तर: 26 मई 2014 से
इससे पहले, गरीब महंगी कारों में घूम रहे थे और
ठंडी कॉफी पी रहे थे।
प्रश्न 2: कुटिल मीडिया और कुछ धार्मिक संस्थानों का भारतीय लोकतंत्र में कब
भरोसा टूटा ?
उत्तर: 26 मई 2014 को
प्रश्न 3: अंबानी और अदानी कब अमीर बन गए?
उत्तर: 26 मई 2014 को
इससे पहले, वे मुंबई सड़कों पर भीख मांग रहे थे।
प्रश्न 4: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि कब हुई?
उत्तर: 26 मई 2014 को
उस दिन तक, प्रति लीटर 14 रुपये में पेट्रोल बेचा जाता था।
प्रश्न 5: कश्मीर मुद्दे कब शुरू हुए ?
उत्तर: 26 मई 2014 से
उसके पहले सभी आतंकवादी शांति के दूत
थे। वे घाटी में बच्चों को चॉकलेट बाँटते थे और वहाँ की स्त्रियों को अपनी माँ-
बहन मानते थे।
प्रश्न 6: चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के मुद्दे कब शुरू हुये ?
उत्तर: 26 मई 2014 से
इससे पहले पाकिस्तान और चीन ने
भारतीयों को बहुत प्यार करते थे। उन्हें देखते ही गले लगा लेते थे।
प्रश्न 7: लोगों को कब पता चला कि विदेशी बैंकों में भारतीयों का काला धन जमा
है?
उत्तर: 26 मई 2014 को
इसके पहले भारतीयों को ब्लैक मनी के
बारे में कुछ पता ही नहीं था। उन्होंने सोचा था कि जिन नोटों पर काली इंक गिर जाती
है वह काला धन होता है और उसे साफ करने के लिए विदेश भेजा जाता है।
प्रश्न 8: "असहिष्णुता" शब्द का आविष्कार कब किया गया ?
उत्तर: 26 मई 2014 को
इसी दिन यह शब्द शब्दकोश में जोड़ा गया
। इसके पहले लोगों को यह पता भी नहीं था कि इस चीज को पुरस्कार वापस करके महसूस
किया जा सकता है।
प्रश्न 9: भारत मे किसानों की आत्महत्या कब शुरू हुई
उत्तर : 26 मई 2014 से ।
पहले किसान ओडी , टोयटा जैसी कार मे घूमते थे ।
युरिया की तो होम डिलीवरी होती थी वह
भी फ्री मे , 24 घंटे बिजली , पानी ।
फसल तो बोने के तुरंतबाद सौदे हो जाते
थे, व्यापारी एडवांस जमा कराने को तरसते थे
।
प्रश्न 10: हवाईजहाज से उड़कर विदेशी यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधान मंत्री
कौन थे?
उत्तर: नरेंद्र मोदी
इससे पहले, भारतीय प्रधान मंत्री सपनों में उड़ कर
विदेश जाते थे।
For Rahul's
Opened eye follower😳
कौन है वोह ( दोस्तों दशकों में एक हि बार ऐसे मार्गदर्शक का जन्म होता है)
नरेंद्र मोदी जी की देश को* समर्पित
भावनाओं व कर्तव्यों पर कटु सत्य
तुम योग का विरोध करते हो,
*वो विश्व को योग करवाता है.*
तुम अपने परिवार की मुर्तियाँ बनवाते
हो,
*वो शिवाजी महाराज और पटेल की मूर्तियां
बनवाता है..*
तुम हज हाउस और जुम्मे की छुट्टियाँ
घोषित करते हो,
*वो चार धाम को जोड़नेवाली सड़के बनवाता
है..*
तुम इफ्तार की पार्टियां देते हो,
*वो राष्ट्रपति भवन मे हवन करवाता है..*
तुम तुष्टिकरण करते हो,
*वो विकास की राह दिखाता है...*
तुम जातिवाद फैलाते हो,
*वो हिंदुत्व का स्वाभिमान जगाता है...*
तुम उसकी राह मे कीचड़ फैलाते हो,
*वो कीचड़ मे कमल खिलाता है....*
*अब क्या हुया*
एक समय था कि अफगानिस्तान में बौद्ध
मंदिरों को तोपों से उड़ा दिया गया था और आज वहां के राष्ट्रपति हमारे मुल्क देश पे
आतंकवादी हमला हुआ तो उन्होंने दक्षेस सम्मलेन में पाक जाने से मना कर दिया।
एक समय था जब ईरान हमारी एक नहीं सुनता
था, आज उन्हीने भारत को चाबहार बंदरगाह
बनाने और ईरान में अपनी फौजें रखने की इज़ाज़त दे दी।
एक समय था कि नार्थ ईस्ट में उग्रवादी हमला
करके म्यांमार भाग जाते थे। आज वहां की सरकार के सहयोग से इंडियन आर्मी ने वहीँ जा
के उनके कैम्प तबाह कर दिए।
एक समय था जब खाड़ी देश पाक का साथ देते
थे। दाऊद बरसों तक दुबई में शरण लिए रहा। आज सऊदी अरब ने दाऊद की संपत्ति ही जब्त
कर ली।
एक समय था जब खाड़ी देश भारत को कमजोर
और गरीब समझते थे, आज अचानक क्या हुआ जो उन्हीने भारत के PM के आगमन पे अपने यहाँ पहला हिन्दू
मंदिर बनाने के लिए जमीन देदी।
आज अचानक क्या हुआ जो बुर्ज खलीफा
तिरंगे में रंगा दिखने लगा।
आज अचानक क्या हुआ जो हमारी 26 जनवरी की परेड में UAE का फौजी दस्ता शामिल हुआ।
आज अचानक क्या हुआ जो भारत में इतनी
हिम्मत आ गयी कि चीन के अरुणांचल के बॉर्डर में सड़कें बना ली, हवाई पट्टी बना ली, 100 मिसाइल भी तैनात कर दिए और टैंक की
डीवीजन पोस्ट कर दी।
आज अचानक क्या हुआ जो USA के नवनिर्वाचित प्रेजिडेंट ने सबसे
पहले भारत के PM को फोन करके आभार व्यक्त किया ।
आज अचानक क्या हुआ जो ऑस्ट्रेलिया, इंडिया को यूरेनियम देने को राजी हो
गया।
आज अचानक जापान ने इंडिया के साथ
युद्धाभ्यास किया।
तब मन ने जवाब दिया कि ये सब परिवर्तन
आये मात्र चार साल में नरेंद्र मोदी के आगमन के साथ।
प्रश्न क्या भारत में नरेंद्र मोदी के अलावा क्या एक भी ऐसा नेता हैं जो परिवाद मैं न हो, कौनसी ऐसी पार्टी है जिसमे आंतरिक लोकतंत्र और स्वतंत्रता है
क्या इन वर्तमान नेताओं मैं किसी मैं आपको भविष्य
नज़र आता है
लालू,
मुलायम,
अखिलेश,
मायावती
सोनिया,
राहुल,
ममता,
केजरीवाल
आदि में कोई नेता है इस कैलिबर का जो
इस प्रकार विश्व को झुका ले !!
इसलिए बंधुओं,
अब फैसला आपको करना है कि घर में ही
युद्ध करने वाले चाहिए या घर-द्वार त्याग कर मातृभूमि को समर्पित ऐसा ओजस्वी !
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