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Thursday, December 1, 2022

मैं मानता हूँ कांग्रेस में कुछ कमियां थी।


मैं मानता हूँ कांग्रेस में कुछ कमियां थी।

ये सच है कि 24 लाख करोड़ के घोटाले हुए।

ये सच है कि हिन्दुओ की नही सुनी जाती थी।

ठीक है मानता हूं कि महँगाई बढ़ते बढ़ते 12% से ऊपर चली गई थी।

मैं मानता हूं कि आतंकवादी मजबूत थे।

मैं मानता हूं कि पाकिस्तान और चीन हमारे उपर हावी थे।

मैं मानता हूं कि अलगाववादियों की चलती थी।

मैं ये भी मानता हूँ कि विकास दर एक बार को 4% से भी नीचे आ गई थी।

भगवा आतंकवाद को झूठा प्रचार मिला था।

चलो ये भी मानता हूं कि विदेशों से परमाणु और सैन्य सौदों में दिक्कत थी।

10 साल तक कोई बड़े हथियार नही खरीदे गए थे।

माना की चीन ने 4-5 जगह पर कब्ज़ा कर लिया था

सैनिको की आधारभूत सुविधाएं उन्हें नहीं मिली थी

माना की सेना का मनोबल बहोत कम था

माना की A-SAT मिसाइल के परिक्षण की अनुमति नहीं मिली

माना की नक्सल आतंकवाद चरम पर था

माना की गाहे बगाहे बम ब्लास्ट हो जाया करते थे

मानता हूं सेना को OROP नही दे पाए थे

माना की Swiss Bank में पैसा जमा किया जा रहा था

देश पर विदेशी कर्ज बहोत ही ज्यादा था

माना की सरकारी बंगले पर वाड्राइन ने कब्ज़ा किया हुआ था

माना देश में विदेशी निवेश बहोत कम था

माना आज की तरह 28 किमी की जगह प्रतिदिन 2 ही किमी हाइवे ही बनते थे

माना 21,000 गावो में बिजली नही थी

माना की 41 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट नहीं थे

माना की घर की बिजली अक्सर चली जाया करती थी

माना महँगा गैस सिलिंडर लाइन लगाकर लेना पड़ता था

माना 20,000 लोगों के पास गैस सिलिंडर नहीं थे 

माना जनसाधारण लोग खुले में शौच जाते थे

माना की किसान Urea के लिए भी तड़पता था

माना लाखों करोड़ों के आयल बांड ले लिए गए थे

माना PM गूंगा बहरा गुलाम निकम्मा था 

मानता हूँ की सरकार से RGF ट्रस्ट में पैसा चला जाता था

माना की देश का व्यापार घाटा बहोत ही ज्यादा था

फसल बीमा योजना जैसा कुछ नही था

माना की Border Road प्रोजेक्ट ठप्प हो गया था

मानता हूँ की Crude Oil रिज़र्व का काम अधूरा छोड दिया था

माना कि, होमलोन 11% थे, मकान बनवाना महँगा था।

हम मानते है गौहत्या आसान था और अवैध बूचड़खानों पर कोई लगाम नहीं था।

माना की जाकिर नाइक जिहाद की अवाज्ज़ा बुलंद करता था 

माना बुखारी के अनुसार काम होता रहा होगा

माना देशविरोधी नारे लगाने पर कार्यवाही नहीं होती थी

माना तिरंगा भी जला लेते थे कुछ लोग । 

माना की Waterways प्रोजेक्ट ठप्प हो गया था

माना की 10 साल में राफेल नहीं खरीद पाए थे

मानता हूँ की भारत की अर्थव्यवस्था Fragile 5 कहलाने लगी थी

माना कांग्रेस ‘राम मंदिर’ और हि’न्दू विरोधी थी

मानता हूं कि कालाधन की एक पैरेलेल व्यवस्था से प्रोपर्टी डीलर खुश थे।

आज की तरह 28 किमी की जगह प्रतिदिन 12 किमी हाइवे ही बनते थे।

कोयला, 2G, कामनवेल्थ में थोड़ा बहुत देश का नुकसान हुआ होगा।

माना की देश के 2.5 करोड़ घरों में बिजली नहीं थी।

मानता हूँ कि बड़े उद्योगपतियों को 34 लाख करोड़ से ज्यादा के लोन दे दिए गए।

माना कि रेलवे स्टेशन पर गंदगी थी और सुविधाएं नहीं थीं।

माना कि आतकवादी हमलों के जवाब में 'सर्जिकल स्ट्राइक' नहीं की जाती थी।


                     लेकिन


ये तो मानना पड़ेगा की:

कांग्रेस के समय प्लेटफॉर्म टिकट मात्र 5 रु में था !

क्या आप लोग कांग्रेस के देश पर किये अहसान भूल जाओगे ...?

चीन से पिटे और उसने हमारी जमीन कब्जा की।

कश्मीरी ब्राह्मणों को दिल्ली में सेटल किया।

2 करोड़ बंगलादेशियो को देश को जॉब दिया।

कश्मीर में आतंकवादियों का शासन स्थापित किया।

अमन की आशा का संदेश देते हुए आतंकवादी छोड़ दिए।

सरदारों की जनसंख्या नियंत्रित की।

करोड़ों फर्जी मनरेगा जॉब कार्ड्स जारी किये

बिचौलियों को उनका पूरा कट मिलता था

Journalists को सरकारी खर्चे पर मौज उडवाई जाती थी

सिंधु नदी के पानी से पाकिस्तान की फसल लहलहाई।

अफजल गुरु और कसाब को इज्जत बख्शी।

उर्दू को द्वितीय राजभाषा बनाया।

पंचशील सिद्धांत से चीन को काबू में रखा।

शिमला समझौते से पाकिस्तान को पराजित किया।

सबसे बड़ा अहसान तो ये किया कि गाँधी वंश परम्परा को मरने नही दिया।


अब तो होश में आओ 

अगर प्लेटफॉर्म टिकट 2 रु में चाहते हो तो 

बोलो … राहुल भैया की जय 

.......

*1952 चुनाव कांग्रेस*

*1957 चुनाव कांग्रेस*

*1962 चुनाव कांग्रेस*

*1967 चुनाव कांग्रेस*

*1971 चुनाव कांग्रेस*

*1977 चुनाव कांग्रेस*

*1980 चुनाव कांग्रेस*

*1984 चुनाव कांग्रेस*

*1991 चुनाव कांग्रेस*

*2004 चुनाव कांग्रेस*

*2009 चुनाव कांग्रेस*


कांग्रेस राज के 55 साल,

फिर भी वे कहते हैं हमें एक और मौका दो हम भारत को बदल देंगे।

मोदी के लिए हमने 1 मौका दिया और उसने लुटेरों का जीवन नर्क बना दिया। 

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